Tuesday, June 01, 2021

प्रथम मुद्दा, द्वितीय मुद्दा

मुद्दा तो दो दर्जन हैं। लेकिन आन्दोलन स्पष्टता खोजती है। २०४६ में एक शब्द कहा गया: बहुदल। इसका मतलब गरीबी और विकास कोइ मुद्दा ही नहीं थे ऐसी बात नहीं। अभी के समय में वो एक शब्द भ्रष्टाचार ही है। 

राष्ट्र निर्माण में गोल्ड स्टैण्डर्ड ली कुआन यु को माना जाता है। भ्रष्टाचार रोग का डायग्नोसिस और उपचार उस डॉक्टर ने किया है। भ्रष्टाचार एक रोग ही है। उसका उपचार संभव है। 


ली ने प्रथम मुद्दा भ्रष्टाचार को नहीं आर्थिक विकास को बनाया। अपने सारे राजनीतिक करियर में उन्होंने प्रमुख रूप से आर्थिक विकास पर लेजर फोकस रखा। सन १९६० में प्रति व्यक्ति आय नेपाल और सिंगापोर में बराबर था। लेकिन नेपालका राजनीतिक यथार्थ है कि चुनाव के लिए प्रथम मुद्दा भ्रष्टाचार को बनाना होगा। अरविन्द केजरीवाल ने जो किया। सत्ता में आने पर शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में अच्छा काम किया। 

लेकिन राजनीतिक कार्यक्रम तो प्रत्येक मुद्दा पर बनाती है कोइ भी जिम्मेवार राजनीतिक पार्टी। 

आप ने गलत लोगों को भोट दिया, हम लोग सही हैं, हमें भोट दिजिए वाली भाषा भ्रष्टाचार समाप्त नहीं करेगी, भ्रष्टाचार को नहीं पीढ़ि तक ले जाएगी। हमारे नेता सत्ता में जाने के बाद अगर भ्रष्टाचार करेंगे तो पार्टी कारवाही करेगी वाली भाषा विधिके शासन (rule of law) वाला भाषा नहीं है। चरित्र निर्माण करने लोग सत्ता में नहीं पहुँचते हैं। 

भ्रष्टाचार एक राजनीतिक रोग है, उसका राजनीतिक इलाज ढूँढना होगा। है भी। 

सरकारी तलब पर रहे प्रत्येक व्यक्ति को प्रत्येक साल अपना और अपने परिवारका सम्पत्ति दर्ता कराना होगा, चुनाव लड्ने वाले प्रत्येक उम्मेदवारको अपना और अपने परिवारका सम्पत्ति दर्ता कराना होगा, कुछ इस किस्मका कानुन पास कराएंगे, ऐसा कहना होगा। संसद के बहुमत से पद पर पहुँचने वाले व्यक्ति को छ साल के लिए अख्तियार प्रमुख बनाना होगा। उस पद पर रह कर काम न करने वाले को उसी संसद से महाभियोग लगा के हटाने का प्रावधान रखना होगा। 

उतना करने के लिए कुछ स्थानीय तह पर जित कर या प्रदेश सरकार बना कर तो कर सकेंगे नहीं। जनमत पार्टी को राष्ट्रिय स्तर पर सोंचना होगा। 




आफूहरूसँग बहमुत भएको ठाकुर पक्षको दावी  ठाकुर पक्षले निर्वाचन आयोगमा बहुमत सदस्य संख्या आवश्यक परेको खण्डमा उक्त संख्या पुर्‍याउन आफूहरू सक्षम रहेको जनाएको छ । तपाईंहरू जसपा छोडेर हृद्येश त्रिपाठीसहित राजपा ब्यूँताउन लाग्नु भएको हो भन्ने ईमेज टेलिभिजनको प्रश्नमा ठाकुर निकट नेता डा. सुरेन्द्र झाले तत्कालै आफूहरू त्यो बाटोमा नजाने बताउनुभयो । ....... नेता झाले अर्का अध्यक्ष उपेन्द्र यादव अरूको इसारामा चलेर पार्टीको जीवन संकटमा परेको टिप्पणी गर्नुभयो । पहिलो वरियताको अध्यक्ष महन्थ ठाकुरलाई कारबाही गर्ने अधिकार यादवसँग नभएको उहाँको भनाइ छ । 
जसपामा एकअर्कामाथि कारबाहीकाे डण्डा, ऐनअनुसार कदम चाल्ने आयोगको भनाइ  प्रचार विभाग प्रमुख डम्बर खड्काले विज्ञप्ति जारी गर्दै २ पटकसम्म स्पष्टीकरण सोध्दा पनि ठाकुर समूहले जवाफ नदिएको उल्लेख गर्नुभएको छ । यादव निकट नेता गंगा नारायण श्रेष्ठले प्रतिगमनकारी केपी ओलीको सरकारलाई साथ नदिने पार्टीको निर्णय विपरित ठाकुर समूहले ओलीलाई काध हालेपछि कारवाही गरिएको बताउनुुभयो । नेता श्रेष्ठले कारबाही जानकारी निर्वाचन आयोगलाई दिइसकेको जानकारी दिनुभयो । ....... अयोगमा दर्ता गराइएको पत्रमा दल दर्ताको किताबबाट उपेन्द्र यादवको नाम हटाएर अद्यावधिक गर्नसमेत अनुरोध गरिएको छ । कारबाहीमा पर्नुभएका नेता लक्ष्मणलाल कर्णले उपेन्द्र यादवलाई कारबाही गर्ने अधिकार नभएको टिप्पणी गर्दै हैसियत नभएका यादवलाई कारबाही गर्ने अधिकार कसले दियो भन्दै प्रतिप्रश्न गर्नुभयो । निर्वाचन आयोगका प्रवक्ता राजकुमार श्रेष्ठले दुवै समूहले निवेदन दर्ता गराएको जानकारी दिनुभयो । उहाँले निर्वाचन आयोगले राजनीतिक दलसम्बन्धी ऐन अनुसार आवश्यक कदम चाल्ने बताउनुभयो ।
रेशम चौधरीलगायतका मुद्दा फिर्ता लिन सरकारले पहल गर्ने  सहमतिको पहिलो बुँदामा टीकापुरमा भएको घटनामा धनीराम चौधरी, रेशलाल चौधरी र लक्ष्मण चौधरीलगायतमाथि लगाइएको मुद्दा फिर्ता र रिहाइका लागि संविधान तथा कानुनसम्मत पहल गर्ने उल्लेख छ।  .......  थारूभाषी बाहुल्य क्षेत्रमा प्राथमिक तहसम्मको शिक्षा मातृभाषामा पठनपाठनको व्यवस्था गर्ने पनि सहमति छ। 
मैले चिनेका उज्ज्वल दाइ  नेपाल खुल्ला छ, नेपाल हाम्रो घर हाे, डेरा हैन, नाेट चल्ने भाेट नचल्ने जस्ता अभियान निकै मन पर्‍यो। ........... विदेसिएका युवाहरुकाे नाेट चल्ने भाेट नचल्ने, सेवक सरकार उद्दमशील समाज .......... समाजलाई उद्यमशील बनाउँने, सरकारलाई जनताको सेवक बनाउँने, एक दिगो (उत्पादनमुखी) अर्थतन्त्र बनाउने हितकारी राज्यको परिकल्पनालाई साकार गर्न पर्याप्त सिर्जनशील, नवीन समाधान खोज्न सक्ने उर्जाशील, उदार, लोकतन्त्रवादी नेतृत्वकर्मी ........ उज्ज्वल दाइ कुनै मन्त्री हैनन्। तर पनि उज्ज्वल दाइकाे स्वास्थ्य लाभको कामना गर्ने जमात ठूलो छ। असभ्य राजनीतिलाई सभ्य बनाईदिने उज्ज्वल दाइ 




उज्वल थापा शहीद हो गए




उज्वल थापा शहीद हो गए। हाई स्कुल में मेरे से तीन बैच जुनियर थे। करीबी थे। सन २००५ में वो न्यु यॉर्क में मेरे से मिले थे। हम लोग वाक पर गए थे। वाशिंगटन स्क्वायर के तरफ जहाँ न्यु यॉर्क यूनिवर्सिटी है। उसके लगभग पाँच साल बाद बोस्टन में मेरी मुलाकात सीके राउत से हुवी थी। 

एक बार जब उज्वल भेंटीलेटर पर पहुँच गए तो मेरी आशा धीमी हो गयी थी। 

उज्वल की बात नहीं सुनी गयी। ये यथार्थ है। नेपाली जनता नेता कम शहीद ज्यादा ढुंढती है। अब उसी उज्वल का बात सुनेंगे। समाज और राज्य इतना ज्यादा जर्जर है कि पार्टी निर्माण ही प्रथम कदम हो सकता है। ये उज्वल का मानना था। 

पहाड़ में विवेकशील साझा के तुलना में मधेस में जनमत पार्टी बहुत आगे है। आज अगर चुनाव हो तो मधेस में जनमत पार्टी एक लहर पैदा कर सकती है। शायद सबसे बड़ी पार्टी भी बन जाए। लेकिन विवेकशील साझा काठमाण्डु में स्वीप करने की स्थिति में नहीं है। अब लेकिन स्थिति बदल सकती है। शहीद जो पैदा हो गया। 

हजारो शहीद पैदा हो गए हैं। सरकार कह रही है सात हजार लोग मरे हैं महामारी में। वो आँकड़ा झुठ है। माओवादी जनयुद्ध से ज्यादा लोग मर चुके हैं। सबके सब शहीद हुवे। दो दलीय भ्रष्टाचारतंत्र ने सबको शहीद बना के रख दिया। 

नाकाबंदी ने पंचायत को धुल चटाया। महामारी दो दलीय भ्रष्टाचारतंत्र को धुल चटाएगी। 


मुद्दा भ्रष्टाचार है। उस पर लेजर फोकस करना होगा।